दूसरे ग्रह से संदेश आ सकता है

पृथ्वी के किसी भी छोर से आने वाले संदेशों की भाषा और प्रारूप से तो आप भली भांति परिचित होंगे। लेकिन अब आप स्वयं को कुछ अपरिचित भाषाओं और संदेशों के लिए भी तैयार कर लें। अब पृथ्वी जैसे दूसरे ग्रहों की श्रंखला में एक ग्रह और जुड़ गया है। अभी हाल ही में अन्तरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ग्रह की खोज करी है जो बिलकुल पृथ्वी के निकट है और पृथ्वी जैसा ही वातावरण यहाँ उपलब्ध है।रॉस 128 बी[Image Source: Fortune]

रॉस 128 बी :

नासा ने “पृथ्वी जैसे दूसरे ग्रह ढूंढो” श्रंखला में एक नया ग्रह और खोज लिया है। इस ग्रह को रॉस 128 बी नाम दिया गया है। Astronomy and Astrophysics पत्रिका में अन्तरिक्ष वैज्ञानिकों ने इस संबंध में घोषणा करी है।

रॉस  128 बी में क्या विशेष है:

वैज्ञानिकों ने इससे पहले भी अनेक पृथ्वी जैसे ग्रह ढूँढे हैं, लेकिन इस ग्रह में जो विशेष है वो इस प्रकार है :

इस ग्रह का आकार बिलकुल पृथ्वी के आकार जैसा है।

रॉस 128 बी सूरज से उतनी ही दूरी पर है, जितनी दूरी के तापमान पर जीवन संभव हो सकता है।

नया ग्रह पृथ्वी से सिर्फ 11 प्रकाश वर्ष दूर है।

इस ग्रह पर नया साल 9.9 दिन बाद आ जाता है, क्यूंकी यह ग्रह सूर्य का एक चक्कर इस अवधि में पूरा कर लेता है।

नए ग्रह की सतह भी , पृथ्वी की भांति चट्टानी सतह वाली है।

सबसे बड़ी विशेषता इस ग्रह पर रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है जो अन्य मिले ग्रहों पर है ।

इसके अलावा यध्यपि यह ग्रह अभी पृथ्वी से दूर है लेकिन जिस गति से यह ग्रह पृथ्वी की ओर सरक रहा है उससे यह 79,000 वर्ष में पृथ्वी के बिलकुल निकट आ जाएगा।

इस बौने और लाल रंग के ग्रह का तापमान किसी भी जीवन की संभावना को प्रदर्शित करता है। यहाँ 20 से 60 डिग्री का तापमान सूरज के तापमान का बिलकुल आधा ही है और यही विशेष गुण जीवन की उपस्थिती को दर्शाता है।

लेकिन अभी भी वैज्ञानिक इस ग्रह पर पानी की उपस्थिती को सुनिश्चित नहीं कर पाये हैं।

भ्रम या सत्यता :

इस खोज के बाद कुछ वैज्ञानिक अभी भी इस ग्रह पर जीवन को लेकर भ्रम या सत्यता की स्थिति में हैं। उनका मानना है की सौरमंडल के इस नए ग्रह के वातावरण के प्रमाण भ्रमिक हो सकते हैं। यह वातावरण पृथ्वी जैसा शांत, पानी और ऑक्सीजन के मिश्रण का हो सकता है। इसके विपरीत यहाँ वीनस की भांति जहरीली गैसों की मौजूदगी भी हो सकती है।

दूसरा भ्रम इस ग्रह के तापमान को लेकर बना हुआ है। कुछ वैज्ञानिकों का मत है की यदि यहाँ पृथ्वी से 38% अधिक रेडिएशन हुआ तो सर्दी और गर्मी की अंतहीं सीमा का अनुमान लगाना बहुत कठिन है।

इस ग्रह पर पानी के स्त्रोत का न मिलना भी इसपर जीवन की संभावना को क्षीण बना रहा है।

अंत में :

निष्कर्ष चाहे कुछ भी हो, यह अनुकूल तापमान वाला प्रोकिसिमी बी के बाद दूसरा ग्रह है जो पृथ्वी जैसा माना जाता है।

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