श्रीलंका के खिलाफ क्या होगी टीम इंडिया की रणनीति

श्रीलंका के खिलाफ क्या होगी टीम इंडिया की रणनीति

8 जून को चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का अगला मुकाबला श्रीलंका से है। विश्व रैंकिंग में नंबर 6 की टीम श्रीलंका के लिए नंबर 2 की टीम भारत को हराना फिलहाल मुश्किल ही नजर आ रहा है। लेकिन किसी भी टीम को कम आंकना उचित नहीं होगा। श्रीलंका के खिलाफ क्या होगी टीम इंडिया की रणनीति? सक्सेस इन हिंदी आज इसी विषय के साथ आपकी सेवा में हाजिर है।

श्रीलंका के पास कप्तान एंजेलो मैथ्यू के साथ उपुल थरंगा, कुसल परेरा, चमारा कपूगेदरा और दिनेश चंडीमल जैसे बल्लेबाज हैं जिनका बल्ला अगर गरजा तो अकेले दम पर मैच का पासा पलट सकते हैं हालांकि भारत के साथ होने वाले मैच में 2 मैचों के लिए ससपेंड हुए उपुल थरंगा नहीं खेल पाएंगे। वहीं गेंदबाजों में लसिथ मलिंगा जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज हैं जो दुनिया के किसी भी बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ सकते हैं।

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चैंपियंस ट्रॉफी के वार्मअप मैच में श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ क्रमशः 319 और 357 रनों का पहाड़ सरीखा लक्ष्य खड़ा करने के बावजूद हार गई। वहीं दूसरी तरफ टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में 300 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम दक्षिण अफ्रीका से 96 रनों के बड़े अंतर से हार गई थी। ऐसी स्थिति में जब श्रीलंका का मनोबल गिरा हुआ है। कोहली, रोहित, धवन, युवराज और धोनी जैसे बल्लेबाजों से सजी भारतीय टीम के लिए जरूरी है कि पहले बल्लेबाजी करते हुए 300 रनों से ज्यादा का लक्ष्य खड़ा करें ताकि मनोवैज्ञानिक रूप से श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सके और किसी भी रूप में श्रीलंका को संभलने का मौका न मिल सके।

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इसके अतिरिक्त चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में वर्ष 2013 में भारत-श्रीलंका के बीच खेले गए मैच में भारत ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 50 ओवर में श्रीलंका को मात्र 181 रनों पर रोक दिया था। जवाब में शिखर धवन और विराट कोहली के अर्धशतकों की मदद से यह मैच भारत ने 8 विकेट से जीत लिया था। आखिरी बार 2014 में श्रीलंका और भारत के बीच खेली गई एकदिवसीय श्रृंखला भी भारत ने 5-0 से अपने नाम कर ली थी। इस इतिहास के साथ ही, श्रीलंकाई टीम यह भी जानती है कि रनों का सफलतापूर्वक पीछा करने में भारत का रिकॉर्ड शानदार रहा है। ऐसे में श्रीलंका की राह आसान नहीं होगी।

पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए पिछले मैच में भारत ने शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी की। लेकिन क्षेत्ररक्षण में भारत ने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया। मैच के बाद कप्तान विराट कोहली ने क्षेत्ररक्षण पर आत्म आलोचना करते हुए कहा कि क्षेत्ररक्षण अभी भी हमारा कमजोर पक्ष है। दोस्तों, हम जानते हैं कि औसत क्षेत्ररक्षण, न सिर्फ गेंदबाजों का बल्कि पूरी टीम का मनोबल गिराता है। हालांकि अच्छी बात यह है पाकिस्तान और श्रीलंका के मैच के बीच में भारत को 4 दिन का समय मिला है, इसमें भारत अपनी कमियों-कमजोरियों पर काम कर सकता है और उसे निखार सकता है। श्रीलंका पर भारत की जीत की संभावनाएं प्रबल है।

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