कुछ ही महीनों बाद अगर आपका मन दोपहर के खाने के बाद शाम की चाय चंडीगढ़ के सेक्टर 17 में चाय पीने का मन करेगा तो आपको अपने मन की बात सुनने में कठिनाई नहीं होगी। इसी तरह अब चंडीगढ़ वाले भी कहेंगे की अब दिल्ली दूर नहीं। शायद आपको इस बात को एक मज़ाक लगेगा। क्योंकि अभी दिल्ली से चंडीगढ़ रेल मार्ग से पहुँचने में लगभग साढ़े तीन घंटे का समय लगता है। इसके लिए आप वर्तमान समय में चलने वाली शताब्दी एक्स्प्रेस लेंगे जो 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। लेकिन जल्दी ही यह समय घटकर लगभग एक घंटा चालीस मिनट का रह जाएगा।
भारतीय रेल की ओर से इस वर्ष का सबसे बड़ा तोहफा आपको मिलने जा रहा है। दिल्ली से चंडीगढ़ की 254 किलोमीटर की दूरी अब सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन के कारण आप महज दो घंटे में ही पूरा कर पाएंगे। इस परियोजना पर फ्रांस की एक कंपनी की मदद ली जा रही है जो 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन को चलाने में भारतीय रेल की मदद करेगी।
दिल्ली से चंडीगढ़ के इस 254 किलोमीटर रेल रूट पर 10 बड़े मोड हैं जिनको कम करने के लिए पहले अतिरिक्त जमीन के अधिग्रहण का विचार था। लेकिन रेलवे के सूत्रों के अनुसार इस कारण इस कार्य में अनावश्यक देरी होने का अंदेशा था। इसलिए अब यह कार्य बिना जमीन अधिग्रहण किए ही किया जाएगा और इस काम के लिए कोई नया ट्रेक नहीं बनाया जाएगा। बल्कि इन 10 मोड़ों को खत्म करने के लिए रेल की स्पीड में थोड़ी सी कमी कर दी जाएगी।
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इस परियोजना पर सुचारु रूप से काम करने के लिए भारतीय रेल मंत्रालय और फ्रांस की रेलवे टीम के बीच विभिन्न मुद्दों पर तेजी से काम चल रहा है। इनमें भारतीय रेल मार्ग पर सिग्नल प्रणाली में सुधार करने, रेल मार्ग में आने वाले मोड़ों को कम करना या खत्म करना, ऊर्जा नियंत्रण प्रणाली और सुद्र्ढ करना तथा ट्रेक अपग्रेड करना जैसे काम शामिल हैं।
इस संबंध में फ्रांसीसी अधिकारी अपनी रिपोर्ट अक्तूबर के अंत तक सौंप देंगे।
अगर रेलवे सूत्रों की मानें तो इस हाई-स्पीड रेल परियोजना पर 46 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर का खर्चा अलग से होगा जो अमूमन 10 हज़ार करोड़ से अधिक की राशि होती है।
इस प्रकार भारतीय रेल इस प्रोजेक्ट के जरिये अपने दो लक्ष्य पूरे करने जा रहा है। एक तो दिल्ली-चंडीगढ़ जैसे सबसे व्यस्तम रेल रूट पर एक सेमी हाई स्पीड ट्रेन का तोहफा देकर यात्रियों के समय की बचत करना और दूरी ओर रिकार्ड न्यूनतम समय में इस प्रोजेक्ट को पूरा करके सरकार के पैसे और समय को बचाना भी है।
तो आइये अब आपको दिल्ली चंडीगढ़ के टूर पर जाने के लिए अपना बैग पैक करने की आपको ज़रूरत ही नहीं है । क्यूंकी मात्र पौने दो घंटे से भी कम समय में आप दिल्ली-चंडीगढ़ का सफर दिन में एक बार नहीं बल्कि दो बार बहुत आसानी से कर सकते हैं।













































