फिर भी

जीएसटी में हुआ लगभग 50 करोड़ का घोटाला

देश की अर्थ-व्यवस्था को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने जीएसटी योजना को लागू किया था, लेकिन अब इस योजना से ही सरकार को चूना लगाया है। एक ऐसा ही मामला सामने आया है, गुरुग्राम में। जहां पर करीब 50 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला सामने आया है। पुलिस के द्वारा बनाई गई एसआईटी ने एक आरोपी सुभाष को भी जीएसटी घोटाले मामले में गिरफ्तार किया है।

सुभाष गुरुग्राम में ही आबकारी एवं कराधान विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है। इस घोटाले में उसकी भी काफी भागीदारी नजर आ रही है। इसी के चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। इससे पहले भी एजेंट राकेश अरोड़ा और क्लर्क गौरव बहल को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। हैरानी की बात ये है, कि चूना लगाने वाली कंपनी के पते पर नाई की दुकान हैं।

शॉप नंबर 16, लाल कोठी, सेक्टर -40, गुरुग्राम में मैसर्स विपिन एंटरप्राइजेज पंजीकृत है, और इस कंपनी ने सरकार को 50 करोड़ से ज्यादा का चूना लगाया हैं। इनपुट टैक्स क्रेडिंट में धोखाधड़ी करने वाले जीएसटी डीलरों का पर्दाफाश करते हुए हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग ने गुरूग्राम के सदर थाने में केस दर्ज करवाया हैं कि विभाग ने एक पंजीकृत डीलर मैसर्स विपिन एंटरप्राइजेज के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।

जिसके बाद पुलिस ने फरवरी में मामले दर्ज कर अब 12 अप्रैल को एक्साइज के एक अधिकारी और एक सीए को गिरफ्तार किया था। वही अब इस मामले में एसआईटी ने सुभाष को गिरफ्तार किया है। जो विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है। केंद्र सरकार ने सोचा था कि जीएसटी से सरकार को फायदा होगा लेकिन यह तो उल्टा पड़ गया क्योंकि अब जीएसटी की वजह से ही 50 करोड़ का घोटाला बहुत बड़ा घोटाला है।

इसे बिल्कुल ही नहीं नकारा जा सकता क्योंकि जैसे कि ऊपर लिखा गया है कि 50 करोड़ का घोटाला हुआ है और यह घोटाला गुरूग्राम में हुआ है यह देश के लिए बहुत ही खतरा साबित हो सकता है क्योंकि अगर ऐसे ही हर स्टेट में हर जिले में घोटाले होते रहे तो आम जनता का क्या हाल होगा क्योंकि जो सारा पैसा जहां सरकार के पास जाता है वह सारा पैसा जनता का ही है जनता पर टैक्स लगा कर सरकारी पैसा वसूलते, जैसा कि पहले इंडियन नेशनल कांग्रेस में घोटाले हुए थे।

घोटाले घोटाले ही नहीं बहुत ज्यादा घोटाले हुए थे लेकिन अब बीजेपी सरकार में भी घोटाले होने शुरू हो गए हैं यह सब जानते हैं कि यह घोटाला कोई छोटा नहीं है 50 करोड़ की कीमत बहुत ज्यादा होती है अतः केंद्र सरकार इस पर जबरदस्त कार्रवाई करते हुए ध्यान दें और ऐसा समाधान किया जाए ताकि घोटाला ना हो सके और अगर इसमें संशोधन की गुंजाइश है संशोधन भी किया जाए।

[स्रोत- सहदेव]

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